Manoj bhardwaj
फरीदाबाद /-डीएलएफ इंडस्ट्री एसोसिएशन और फाउंडेशन फॉर एमएसएमई क्लस्टर नई दिल्ली के संयुक्त सहयोग से दिनांक 27 जनवरी 2026 को शाम 4:30 बजे एसोसिएशन के कार्यालय में साइबर सिक्योरिटी विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गूगल ऑर्गेनाइजेशन के प्रोजेक्ट के अंतर्गत, भारत में द एशिया फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया।
सेमिनार में साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ हरप्रीत बब्बर ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे डिजिटल कार्य बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधियों के तरीके भी अधिक जटिल होते जा रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
कार्यक्रम का समन्वय फाउंडेशन फॉर एमएसएमई क्लस्टर की ओर से ऋषि राम (सीनियर मैनेजर) ने किया। सेमिनार में साइबर सुरक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया, जिनमें प्रमुख रूप से—
किसी भी फ्री ऐप या अनजान लिंक पर भरोसा न करना
फोन कॉल या लिंक के माध्यम से जल्दबाज़ी में निर्णय न लेना
डर, लालच या दबाव में आकर कोई कार्रवाई न करना
किसी भी संदिग्ध स्थिति में समय लेकर सोच-समझकर निर्णय लेना
साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी हो जाए, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें तथा ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े साइबर खतरों से कैसे निपटा जाए, यह भी चिंता और चर्चा का विषय रहा।
डीएलएफ इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और धैर्य है, क्योंकि अपराधी अक्सर जल्दबाज़ी कराने की कोशिश करता है। सावधानी बरतकर ही हम स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं।
सेमिनार में विभिन्न फैक्ट्रियों के मालिक, आईटी एडमिन, तथा एचआर विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष श्री राम अग्रवाल ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सेमिनार का समापन जलपान के साथ हुआ।






