फरीदाबाद(manoj bhardwaj)सतयुग दर्शन ट्रस्ट (रजि.) के तत्वाधान में संचालित विश्व के प्रथम समभाव एवं समदृष्टि के स्कूल — ध्यान-कक्ष ने शिक्षा निदेशालय (DoE), दिल्ली सरकार (GNCT of Delhi) के सहयोग से 31 जनवरी 2026 को अपने मुख्य परिसर, सतयुग दर्शन वसुंधरा, ग्रेटर फरीदाबाद में मास्टर ट्रेनर्स सशक्तिकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
यह कार्यक्रम एस.सी.ई.आर.टी. के ‘साइंस ऑफ लिविंग’ कार्यक्रम से जुड़े मास्टर ट्रेनर्स के लिए आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षकों को अंतर्निहित मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा के प्रभावी माध्यमों से जोड़ना रहा।
मास्टर ट्रेनर्स सशक्तिकरण कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक स्वागत के साथ हुआ, जिसके उपरांत अनेक सहभागितापूर्ण, गतिविधि-आधारित एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों का उद्देश्य छात्रों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास को सुदृढ़ करने की क्रियात्मक विधि को अपनाना तथा नैतिक रूप से सुदृढ़, भावनात्मक रूप से संतुलित, सामाजिक रूप से उत्तरदायी एवं कानून-पालक वैश्विक नागरिकों के निर्माण की दिशा में प्रशिक्षकों को सक्षम बनाना रहा। यह कार्यक्रम भौतिकवाद में उलझी व भटकी हुई आज की मानव जाति को पुनः आध्यात्मिक बनाने का एक अभूतपूर्व प्रयास रहा ताकि समभाव-समदृष्टि की युक्ति के अनुशीलन द्वारा आज का मानव अपने भीतर विद्यमान, पशुत्व के भाव पर विजय पा, अपने व्यक्तित्व को बौद्धिक स्तर से आध्यात्मिक स्तर पर ले जा सके। यहाँ सब मानेंगे कि ध्यानकक्ष जैसे आध्यात्मिक स्कूलों के माध्यम से आत्मिक ज्ञान प्राप्त करने के उपरांत ही मानव के हृदय में सकारात्मक, सशक्त एवं परोपकारी पवित्र विचारों का प्रवेश संभव हो सकता है और वह अपनी वृत्ति-स्मृति, बुद्धि व भाव-स्वभावों को निर्मल कर सदाचारिता का प्रतीक बन सकता है।
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एवं इनक्रेडिबल इंडिया सूची में शामिल, समभाव एवं समदृष्टि का स्कूल – “ध्यान-कक्ष” आज आध्यात्मिक शिक्षा क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में उभर चुका है। ट्रस्ट की ‘भाव–स्वभाव परिवर्तन क्रांति’ के अंतर्गत, मानवता की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से यह अपने निःशुल्क ‘वैल्यू योर वर्च्यूज़’ अभियान के माध्यम से चरित्र, आचरण एवं चेतना के जागरण हेतु सतत प्रयासरत है। इस अभियान के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय मानवता ओलंपियाड, स्पिरिचुअल एलोक्वेंस (अंतर्राष्ट्रीय खुली वक्तृत्व प्रतियोगिता), स्पिरिचुअल इकोज़ (अंतर्राष्ट्रीय खुली काव्य पाठ प्रतियोगिता) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम पर आधारित विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं कॉरपोरेट संस्थानों हेतु विविध ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यशालाएँ संचालित की जाती हैं।
अपने इस व्यापक उद्देश्य के माध्यम से समभाव एवं समदृष्टि का स्कूल, मानव जाति को आने वाले ‘स्वर्ण युग’ सतयुग के सिद्धांतों को अपनाकर आंतरिक संतुलन स्थापित करने के लिए प्रेरित करता है, जो की पृथ्वी पर शांति एवं एकता की पुनर्स्थापना की दिशा में एक सार्थक योगदान है।
कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर शिक्षा निदेशालय, दिल्ली की उप निदेशक (एनजीओ) श्रीमती दीपा सिंह भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया तथा इसमें अपना सक्रिय योगदान देने की इच्छा भी व्यक्त की।






