फरीदाबाद(Manoj bhardwaj) एफसीसीआई ने एक बार फिर अपनी परंपरा को कायम रखते हुए 2 फरवरी को केंद्रीय बजट पर पोस्ट-बजट सत्र का आयोजन किया। यह सत्र माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा केंद्रीय बजट प्रस्तुत किए जाने के तुरंत बाद आयोजित किया गया।
सत्र में यह स्पष्ट किया गया कि केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था में विश्वास, स्थिरता और भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। सत्र के दौरान बजट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उद्योग, MSME और व्यापार जगत पर इसके प्रभावों को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया गया।
इस अवसर पर उद्योग एवं व्यापार जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. एच. के. बत्रा, रोहित रुंगटा, रजत मंगला, सीए डॉ. राज अग्रवाल, सीए सुनील गर्ग, एम. पी. रुंगटा, टी. सी. धवन, आर. सी. खंडेलवाल, शैलेन्द्र बोहरा, सीए आकुल अग्रवाल, ध्रुव बत्रा, सीए तरुण गुप्ता, सीए मोहन सोनी, सीए मनोज रुंगटा, सीए अरविंद सोनी, सीए हरीश मंगला, सीए सोमिल अग्रवाल, सीए अंकित गर्ग, सीए नीरज अरोड़ा, सीए सुनील गुप्ता, श्याम कनकानी, सचिन खोसला सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस सत्र में लगभग 150 से अधिक उद्योगपति एवं व्यवसायी शामिल हुए। 25 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की उपस्थिति ने बजट प्रावधानों की व्यावहारिक व्याख्या और स्पष्टता प्रदान की, जिससे सदस्यों को सरकारी आर्थिक दृष्टिकोण के अनुरूप अपने व्यावसायिक निर्णय लेने में सहायता मिली।
एफसीसीआई ने समय पर जानकारी, विशेषज्ञ विश्लेषण और सार्थक संवाद के माध्यम से उद्योग जगत का मार्गदर्शन करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।





