Manoj bhardwaj
फरीदाबाद(स्वधर्म सन्देश) यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-88, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने पेट की एक उच्च-जोखिम वाली प्री-कैंसर स्थिति से पीड़ित 72 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का सफलतापूर्वक इलाज किया। यह उपलब्धि अस्पताल की प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी (रोकथाम आधारित कैंसर उपचार) और अत्याधुनिक, मिनिमली इनवेसिव चिकित्सा सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मरीज लंबे समय से पेट दर्द, भूख न लगना और पेट फूलने की शिकायत लेकर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी में पहुंचे थे। लक्षणों की पुरानी प्रकृति और किसी गंभीर जठरांत्र रोग की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने विस्तृत जांच की सलाह दी। इसके तहत अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी की गई, जिसमें पेट की अंदरूनी परत पर रंग बदले हुए म्यूकोसा का एक बड़ा पैच पाया गया, जो चिंता का विषय था।
इस बारे में जानकारी देते हुए यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-88, फरीदाबाद के कंसल्टेंट – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी डॉ. ध्रुव कांत मिश्रा ने बताया, “मरीज के पेट से ली गई बायोप्सी में इंटेस्टाइनल मेटाप्लेसिया पाया गया, जो एक प्री-कैंसर स्थिति है, जिसमें पेट की परत में असामान्य बदलाव हो जाते हैं। यदि इसका इलाज न किया जाए, तो यह तेजी से पेट के कैंसर में बदल सकता है। हालांकि, समय रहते पहचान होने पर सही इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी टीम और मरीज के परिजनों से चर्चा के बाद हमने एक उन्नत और मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया — एंडोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन (EMR) को आर्गन प्लाज्मा कोएगुलेशन (APC) के साथ करने का निर्णय लिया। यह डे-केयर प्रक्रिया थी, जिसमें बिना किसी चीरे या टांके के असामान्य टिशू को सटीक तरीके से हटाया गया। मरीज को न तो दर्द हुआ और न ही कोई असुविधा, और उन्हें उसी दिन कैंसर-मुक्त अवस्था में छुट्टी दे दी गई।”
यह प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक पूरी की गई। मरीज को कुछ घंटों तक निगरानी में रखने के बाद उसी शाम स्थिर अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया और सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उनके शरीर में कोई भी कैंसर या प्री-कैंसर टिशू शेष नहीं रहा।
डॉ. मिश्रा ने आगे कहा, “यह मामला समय पर निदान और प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी की ताकत को दर्शाता है। EMR और APC जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक तकनीकें न केवल बीमारी को कैंसर बनने से पहले ही खत्म कर देती हैं, बल्कि मरीजों को बड़ी सर्जरी, लंबे अस्पताल प्रवास और उससे जुड़े जोखिमों से भी बचाती हैं, जो बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।”
यह सफलता यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-88, फरीदाबाद की अत्याधुनिक, अल्ट्रा-एडवांस्ड और मिनिमली इनवेसिव उपचार प्रदान करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। बीमारी का इलाज करने के साथ-साथ कैंसर को विकसित होने से पहले ही रोकने पर ध्यान केंद्रित कर अस्पताल मरीज-केंद्रित और भविष्य-तैयार स्वास्थ्य सेवाओं में नए मानक स्थापित कर रहा है।





