फरीदाबाद। फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफसीसीआई) की 9वीं कार्यकारिणी बैठक का आयोजन फरीदाबाद स्थित होटल रेडिसन ब्लू में सफलतापूर्वक किया गया। बैठक में उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, विशेष रूप से श्रम संबंधी मुद्दों, एमएसएमई के विकास और नए निवेश अवसरों पर गहन चर्चा हुई।
इस अवसर पर लेबर डिपार्टमेंट की ओर से एएलसी राजबीर जी ने विशेष रूप से भाग लिया। सभी गणमान्य सदस्यों का स्वागत बुके से किया गया। राजबीर जी ने अपने संबोधन में कहा कि “उद्योग किसी भी क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ होते हैं और लेबर डिपार्टमेंट का उद्देश्य उद्योगों को बाधित करना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों के अनुरूप सुचारू रूप से आगे बढ़ने में सहयोग देना है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें और उद्योगों को भी कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। विभाग हमेशा उद्योगपतियों के साथ संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है।”
कार्यक्रम में सीए तरुण गुप्ता ने अपने ज्ञानवर्धक सत्र में कहा कि “आज का समय केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित रहने का नहीं है, बल्कि कंपनियों को पूंजी बाजार की ओर भी ध्यान देना चाहिए। एमएसएमई सेक्टर के लिए आईपीओ एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। सही योजना, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ छोटे और मध्यम उद्योग भी बड़े स्तर पर विस्तार कर सकते हैं। हमें अपने व्यवसाय को प्रोफेशनल तरीके से संचालित करते हुए नई वित्तीय संभावनाओं को अपनाना होगा।”
सीए मोहन सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि “एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं, लेकिन अक्सर जानकारी के अभाव में वे बड़े अवसरों से वंचित रह जाते हैं। आईपीओ के माध्यम से न केवल पूंजी जुटाई जा सकती है, बल्कि कंपनी की साख और विस्तार की संभावनाएं भी कई गुना बढ़ जाती हैं। जरूरी है कि उद्योगपति समय के साथ अपने आप को अपडेट रखें और विशेषज्ञों की सलाह लेकर आगे बढ़ें।”
एफसीसीआई के प्रधान श्री एच.के. बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि “फरीदाबाद औद्योगिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और यहां के उद्योगपतियों ने हमेशा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है। एफसीसीआई का उद्देश्य केवल एक संगठन बनकर रहना नहीं, बल्कि उद्योगों की आवाज को मजबूत मंच प्रदान करना है। हम लगातार सरकार और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर उद्योगों की समस्याओं को उठाते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहते हैं। आज नए सदस्यों के जुड़ने से संगठन और भी सशक्त होगा और हम मिलकर फरीदाबाद के औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि “नए गवर्निंग बॉडी सदस्यों—नवीन सूद, आयुष अग्रवाल और वीरेंद्र मेहता—का हम हार्दिक स्वागत करते हैं। हमें विश्वास है कि उनका अनुभव और ऊर्जा संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।” इस मौके पर सभी नए सदस्यों का बुके से स्वागत किया गया।
महासचिव श्री रोहित रुंगटा ने अपने संबोधन में कहा कि “एफसीसीआई लगातार उद्योगों के हित में कार्य कर रहा है और भविष्य में भी विभिन्न सेमिनार, कार्यशालाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगपतियों को जागरूक करता रहेगा। हमारा प्रयास है कि हर सदस्य को समय-समय पर नई जानकारी और अवसरों से जोड़ा जाए। हम सभी सदस्यों के सहयोग से संगठन को और अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “आप सभी का सहयोग ही एफसीसीआई की सबसे बड़ी ताकत है और इसी एकजुटता के साथ हम आगे भी उद्योगों के हित में काम करते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी हम भव्य और यादगार एजीएम करने जा रहे है।
इस बैठक में एफसीसीआई के अनेक वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से रजत मंगला, अकुल अग्रवाल, सुरेंद्र कपूर, शैलेन्द्र बोहरा, एम.पी. रुंगटा, आर.के. गोयल, एम.एल. शर्मा, ध्रुव बत्रा, प्रेम अमर, शंकर खंडेलवाल, सचिन खोसला, संजय मित्तल, जितेंद्र मंगला, दिनेश शर्मा, आर.के. चिलाना, वी.बी. शर्मा, वी.एस. चौधरी, जगदीश सहदेव, सुनील महाजन, ओ.पी. कम्बोज, मयंक गोयल, तरुण गुप्ता, पप्पूजीत सरना, राजीव सूद, योगराज गुप्ता, मनोज सचदेवा, नवीन सूद, आयुष अग्रवाल एवं वीरेंद्र मेहता सहित अन्य गणमान्य सदस्य शामिल रहे।





